Ziyarat E Nahiya In Hindi ★
यह ज़ियारत मुख्य रूप से इमाम महदी (अ.त.फ.श.) से रिवायत की गई है और इसे 'मफातीहुल जिनान' जैसी प्रसिद्ध दुआ और ज़ियारत की पुस्तकों में शामिल किया गया है। इसे अल-इक़बाल (सैय्यद इब्न ताऊस) और बिहारुल अनवर (अल्लामा मजलिसी) जैसी प्राचीन शिया पुस्तकों में भी उल्लेखित किया गया है।
मूल रूप से अरबी में, लेकिन फ़ारसी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी में इसके अनुवाद और शरह (व्याख्या) उपलब्ध हैं ताकि साधारण लोग इसके गहरे अर्थों को समझ सकें। ziyarat e nahiya in hindi
आपको कई किताबों और वेबसाइटों पर "ज़ियारत-ए-नाहिया फ़ारसी में" या अरबी में मिलेगी। हिंदी देवनागरी लिपि में इसकी लिप्यंतरित (transliterated) प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध हैं। आप चाहें तो पहले हिंदी अनुवाद पढ़कर अर्थ समझें, फिर अरबी या फारसी में पढ़ें। "ऐ मेरे आका
कुछ लोग गलती से इसे 'नाहिया' की बजाय 'नाहिया' (लंबी आवाज के साथ) पढ़ते हैं, जिसका अर्थ "हल्के क्षेत्र" होता है। ध्यान रखें: नाहिया का अर्थ है - 'तरफ' या 'दिशा', यानि दूर से अरज़ की गई ज़ियारत। ziyarat e nahiya in hindi
"ऐ मेरे आका! ऐ मेरे मौला! अगर दुनिया में मेरी कोई ताकत होती या मेरा कोई सहारा होता, तो मैं जरूर तुम्हारी मदद के लिए दौड़ा आता।"
(यह लाइन बयान करती है कि इमाम सज्जाद (अ.स.) कितना बेबस थे कि वह बीमारी के कारण जंग में नहीं जा सके।)
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